भीड़ भरी दुनिया डर नहीं, बेतरतीब दुनिया डर है, जहां योजना न हो, वहीं असली खतर है।

भीड़ भरी दुनिया डर नहीं, बेतरतीब दुनिया डर है, जहां योजना न हो, वहीं असली खतर है।

भीड़ भरी दुनिया डर नहीं, बेतरतीब दुनिया डर है,
जहां योजना न हो, वहीं असली खतर है।


Bheed bhari duniya dar nahi, betarteeb duniya dar hai,
jahan yojana na ho, wahin asli khatar hai.