भीड़ भरी दुनिया डर नहीं, बेतरतीब दुनिया डर है, जहां योजना न हो, वहीं असली खतर है। Admin / Sep 24, 2026 भीड़ भरी दुनिया डर नहीं, बेतरतीब दुनिया डर है, जहां योजना न हो, वहीं असली खतर है। भीड़ भरी दुनिया डर नहीं, बेतरतीब दुनिया डर है, जहां योजना न हो, वहीं असली खतर है। Bheed bhari duniya dar nahi, betarteeb duniya dar hai, jahan yojana na ho, wahin asli khatar hai. Shayari World Population Day Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026