भागते रहे हम कल की तलाश में Admin / Sep 24, 2026 भागते रहे हम कल की तलाश में भागते रहे हम कल की तलाश में, आज हाथों से रेत सा फिसल गया, अब बस इतना सीखा है — जो है, वही असली पल है। Bhaagte rahe hum kal ki talaash mein, aaj haathon se ret sa phisal gaya, ab bas itna seekha hai — jo hai, wahi asli pal hai. Shayari Mindfulness Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026