बदन थका है, फिर भी चलता है रोज़ नई राह पर, यही तो है ज़िंदगी की सबसे बड़ी दास्तान बेपनाह पर। Admin / Sep 24, 2026 बदन थका है, फिर भी चलता है रोज़ नई राह पर, यही तो है ज़िंदगी की सबसे बड़ी दास्तान बेपनाह पर। बदन थका है, फिर भी चलता है रोज़ नई राह पर, यही तो है ज़िंदगी की सबसे बड़ी दास्तान बेपनाह पर। Badan thaka hai, phir bhi chalta hai roz nayi raah par, yahi to hai zindagi ki sabse badi daastaan bepanaah par. Shayari World Health Day Shayari