- Sad
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- Dec 13, 2021
Badan Shayari - Badnaami Ke Peeche Ka Sach
Badnaam hoke bhi apna naam na lene wali chahat - yehi hai is shayari ka dard.
दुनिया किसी को बदनाम कर दे, फिर भी उसके नाम को बचाने के लिए ख़ामोश रह जाना - यह शायरी इसी त्याग और बदनसीबी के फ़र्क को गहराई से बयान करती है। इसी विषय पर सीधे बात करने के लिए Badnam शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
जिसके नसीब मे हों ज़माने की ठोकरें,
- Badnam
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- Dec 09, 2021
तवायफ़ सी सीरत रखता है ये शहर,
लुभाता बहुत है, मन बहलाता बहुत है,
अच्छी-बुरी कई लत लगाता है
बदनाम सा है पर सुकून दिलाता बहुत है.
- Badnam
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- Dec 09, 2021
जिस दिल में बसा था नाम तेरा हमने वो तोड़ दिया
न होने दिया तुझे बदनाम बस तेरे नाम लेना छोड़ दिया
- Badnam
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- Dec 08, 2021
इंसानी फितरत ने मोहब्बत को बदनाम कर दिया,
वर्ना इश्क तो आज भी राधा और श्याम को ढूंढता है।
- Badnam
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- Nov 27, 2021
मै खुद भी एहतियातन, उस गली से कम गुजरता हूँ,
कोई मासूम क्यों कर, मेरे लिए बदनाम हो जाये।
- Kaam
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- Sep 06, 2021
अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो,
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो,
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूँढ़ते क्यों हो,
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले नाम होने दो।
- Aug 16, 2021
शीशे सा बदन लेकर यूँ
निकला ना करो राहों में,
पत्थर से छुपे होते हैं
यहाँ लोगों की निगाहों में।
- Love
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- Jul 24, 2021
सुकून मिल गया मुझको बदनाम होकर,
आपके हर एक इल्ज़ाम पे यूँ बेजुबान होकर,
लोग पढ़ ही लेंगें आपकी आँखों में मोहब्बत,
चाहे कर दो इनकार यूँ ही अनजान होकर।
- Jun 24, 2021