अंदर की आवाज़ कहती है 'तुम फिट नहीं हो'

अंदर की आवाज़ कहती है 'तुम फिट नहीं हो'

अंदर की आवाज़ कहती है 'तुम फिट नहीं हो',
मगर आज तक वो कभी सच नहीं निकली,
फिर भी हर सुबह
मैं उसी आवाज़ को सुन लेता हूँ।


Andar ki aawaz kehti hai 'tum fit nahi ho', magar aaj tak wo kabhi sach nahi nikli, phir bhi har subah main usi aawaz ko sun leta hoon.