- Saal
- |
- Mar 18, 2019
Allama Iqbal Shayari
Allama Iqbal's Shayari - Read, Save and Share
A curated collection of shayari by Allama Iqbal, Poet, Philosopher, Politician, explore verses that capture Allama Iqbal's distinct voice.
- Last Updated on Aug 11, 2026
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
- Khud
- |
- Jun 24, 2018
खुदा के बन्दे तो हैं हजारों बनो में फिरते हैं मारे-मारे
मैं उसका बन्दा बनूंगा जिसको खुदा के बन्दों से प्यार होगा
- Man
- |
- Jun 24, 2018
हजारों साल नर्गिस अपनी बेनूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा
- Ajeeb
- |
- Jun 24, 2018
दिल की बस्ती अजीब बस्ती है,
लूटने वाले को तरसती है।
- Kuch
- |
- Jun 24, 2018
जफा* जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं,
सितम न हो तो मुहब्बत में कुछ मजा ही नहीं
- Khud
- |
- Jun 24, 2018
खुदी को कर बुलन्द इतना कि हर तकदीर से पहले
खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है
- Hindi
- |
- Jun 23, 2018