आसमान थोड़ी देर सांस रोके रखता है, फिर चांद को छोड़ देता है, और ईद शुरू हो जाती है। Admin / Sep 24, 2026 आसमान थोड़ी देर सांस रोके रखता है, फिर चांद को छोड़ देता है, और ईद शुरू हो जाती है। आसमान थोड़ी देर सांस रोके रखता है, फिर चांद को छोड़ देता है, और ईद शुरू हो जाती है। Aasman thodi der saans roke rakhta hai, Phir chaand ko chhod deta hai, aur Eid shuru ho jaati hai. Shayari Chand Raat Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026