हँसी यूँ ही नहीं आई है इस ख़ामोश चेहरे पर

हँसी यूँ ही नहीं आई है इस ख़ामोश चेहरे पर

हँसी यूँ ही नहीं आई है इस ख़ामोश चेहरे पर,
कई ज़ख्मों को सीने में दफ़न कर दिया हमने।


Hansi Yun Hi Nahi Aayi Hai Iss Khamosh Chehre Par,
Kayi Zakhmo Ko Seene Mein Dafan Kar Diya Humne.