सीख जाता है हर हुनर किसी न किसी उस्ताद से

सीख जाता है हर हुनर किसी न किसी उस्ताद से

सीख जाता है हर हुनर किसी न किसी उस्ताद से,
मगर ज़िंदगी के सबक तो ज़माने कि ठोकरे ही देती है


Seekh jaata hai har hunar kisee na kisee ustaad se,
Magar zindagee ke sabak to zamaane ki thokare hee detee hai