सादगी इतनी भी नहींं है अब बाकी मुझमें

सादगी इतनी भी नहींं है अब बाकी मुझमें

सादगी इतनी भी नहींं है अब बाकी मुझमें

सादगी इतनी भी नहींं है अब बाकी मुझमें ,
कि तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूं


Sadagi itani bhi nahi hai ab baki mujhme,
Ki tu waqt guzaare aur main mohabbat samajhoon !!