वक़्त की रफ़्तार रुक गई होती

वक़्त की रफ़्तार रुक गई होती

वक़्त की रफ़्तार रुक गई होती,
शर्म से आँखे झुक गई होती,
अगर दर्द जानती शमा परवाने का,
तो जलने से पहले बुझ गई होती।


Waqt Ki Raftar Ruk Gayi Hoti,
Sharm Se Aankhein Jhuk Gayin Hoti,
Agar Dard Janti Shama Parwane Ka,
Toh Jalne Se Pahle Bujhh Gayi Hoti.