रात भर सिसकते रहना बस इक शख्स की खातिर Admin / Jul 19, 2021 रात भर सिसकते रहना बस इक शख्स की खातिर रात भर सिसकते रहना बस इक शख्स की खातिर, इसे गर इश्क कहते हैं तो वल्लाह मेरी तौबा। Raat Bhar Sisakte Rehna Bas Ek Shaks Ki Khatir, Ise Gar Ishq Kehte Hain Toh Wallah Meri Tauba. Shayari Love Shayari Meri Shayari