यह कौन शरमा रहा है यूँ फ़ुर्सत में याद कर के

यह कौन शरमा रहा है यूँ फ़ुर्सत में याद कर के

यह कौन शरमा रहा है यूँ फ़ुर्सत में याद कर के,
कि हिचकियाँ आना तो चाहती हैं पर हिच-किचा रही हैं...


Yah kaun sharama raha hai yoon fursat mein yaad kar ke,
Ki hichakiyaan aana to chaahatee hain par hich-kicha rahee hain...