यहीं पर सारे चमन की बहार थी कल तक Admin / Aug 11, 2026 यहीं पर सारे चमन की बहार थी कल तक यहीं पर सारे चमन की बहार थी कल तक, पड़ी है आज जहाँ ख़ाक आशियाने की। Yahi Par Saare Chaman Ki Bahaar Thi Kal Tak, Padi Hai Aaj Yaha Khaak Aashiyaane Ki. Shayari Sad Shayari