मेरे मुक़द्दर को भी गिला रहा है मुझसे Admin / Sep 13, 2021 मेरे मुक़द्दर को भी गिला रहा है मुझसे मेरे मुक़द्दर को भी गिला रहा है मुझसे, कि किसी और का होता तो संवर गया होता। Mere Muqaddar Ko Bhi Gila Raha Hai MujhSe, Ke Kisi Aur Ka Hota Toh Sanwar Gaya Hota. Shayari Sad Shayari