फिर याद बहुत आएगी जुल्फों की घनी शाम

फिर याद बहुत आएगी जुल्फों की घनी शाम

फिर याद बहुत आएगी जुल्फों की घनी शाम,
जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा।


Phir Yaad Bahut Aayegi Zulfon Ki Ghani Shaam,
Jab Dhoop Mein Saya Koyi Sar Par Na Milega.