पलक का मोती सफ़हो पर आ छलका

पलक का मोती सफ़हो पर आ छलका

पलक का मोती सफ़हो पर आ छलका...
देखो फिर से कोई गज़ल बनने को है...!!


Palak ka motee safaho par aa chhalaka...
Dekho phir se koee gazal banane ko hai...!!