न जाने किस हुनर को शायरी कहते होंगे लोग

न जाने किस हुनर को शायरी कहते होंगे लोग

न जाने किस हुनर को, शायरी कहते होंगे लोग,
हम तो वो लिख रहे हैँ, जो कह ना सके उससे...!!!


Na jaane kis hunar ko, shaayaree kahate honge log,
Ham to vo likh rahe hain, jo kah na sake usase...!!!