थोड़ा और अच्छे से ढक मुझे, Admin / Aug 11, 2026 थोड़ा और अच्छे से ढक मुझे, थोड़ा और अच्छे से ढक मुझे, तू हिजाब है, मेरी झूठी हँसी नही !! Thoda aur achchhe se dhak mujhe, Tu hijaab hai, meree jhoothee hansee nahee !! Shayari Hijab Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026