तेरे सिवा कौन समा सकता है मेरे दिल में

तेरे सिवा कौन समा सकता है मेरे दिल में

तेरे सिवा कौन समा सकता है मेरे दिल में,
रुह तक गिरवी है मेरी तेरी चाहत में...!!!


Tere siva kaun sama sakata hai mere dil mein,
Ruh tak giravee hai meree teree chaahat mein...!!!