तेरे एहसान कि ईंटे लगी है इस इमारत में

तेरे एहसान कि ईंटे लगी है इस इमारत में

तेरे एहसान कि ईंटे लगी है इस इमारत में
हमारा घर तेरे घर से कभी उंचा नहीं होगा


Tere ehasaan ki eente lagee hai is imaarat mein
Hamaara ghar tere ghar se kabhee uncha nahin hoga