तू सामने है तो फिर क्यूँ यक़ीं नहीं आता

तू सामने है तो फिर क्यूँ यक़ीं नहीं आता

तू सामने है तो फिर क्यूँ यक़ीं नहीं आता
ये बार बार जो आँखों को मल के देखते हैं!


Too saamane hai to phir kyoon yaqeen nahin aata
Ye baar baar jo aankhon ko mal ke dekhate hain!