गिर रहा है दिन ब दिन इंसानियत का स्तर

गिर रहा है दिन ब दिन इंसानियत का स्तर

गिर रहा है दिन ब दिन इंसानियत का स्तर
और इंसान का दावा है कि हम तरक्की पर हैं.


Gir raha hai din ba din insaaniyat ka star
Aur insaan ka daava hai ki ham tarakkee par hain.