क्यूँ एक दिल को दूसरे दिल की खबर न हो

क्यूँ एक दिल को दूसरे दिल की खबर न हो

क्यूँ एक दिल को दूसरे दिल की खबर न हो...
वो दर्द-ए-इश्क ही क्या जो इधर हो, उधर न हो...!!


Kyoon ek dil ko doosare dil kee khabar na ho...
Vo dard-e-ishk hee kya jo idhar ho, udhar na ho...!!