किस जगह रख दूँ मैं तेरी याद के चराग़ को

किस जगह रख दूँ मैं तेरी याद के चराग़ को

किस जगह रख दूँ मैं, तेरी याद के चराग़ को...
कि रौशन भी रहूँ , और हथेली भी ना जले.....


Kis jagah rakh doon main, teree yaad ke charaag ko...
Ki raushan bhee rahoon , aur hathelee bhee na jale.....