किसी को इतना न चाहो कि भुला न सको

किसी को इतना न चाहो कि भुला न सको

किसी को इतना न चाहो कि भुला न सको,
यहाँ मिजाज बदलते हैं मौसम की तरह।


Kisi Ko Itna Na Chaho Ke Bhula Bhi Na Sako,
Yahan Mijaaj Badalte Hain Mausam Ki Taraha.