कितने सायों से भरी है ये हवेली दिल की

कितने सायों से भरी है ये हवेली दिल की

कितने सायों से भरी है ये हवेली दिल की
ऐसी भगदड़ में कोई शख़्स ठहरता कैसे


Kitane saayon se bharee hai ye havelee dil kee
Aisee bhagadad mein koee shakhs thaharata kaise