कितने मज़बूर है हम तकदीर के हाथो

कितने मज़बूर है हम तकदीर के हाथो

कितने मज़बूर है हम तकदीर के हाथो..
ना तुम्हे पाने की औकात रखते हैँ और ना तुम्हे खोने का हौसला..


Kitane mazaboor hai ham takadeer ke haatho..
Na tumhe paane kee aukaat rakhate hain aur na tumhe khone ka hausala..