कभी चाल कभी मक़सद कभी मंसूबे यार होते है

कभी चाल कभी मक़सद कभी मंसूबे यार होते है

कभी चाल, कभी मक़सद, कभी मंसूबे यार होते है...
इस दौर मे सलाम के भी मक़सद हजार होते है...!!


Kabhee chaal, kabhee maqasad, kabhee mansoobe yaar hote hai...
Is daur me salaam ke bhee maqasad hajaar hote hai...!!