कभी कागज़ के टुकड़े पे सिमट गया नाम तुम्हारा

कभी कागज़ के टुकड़े पे सिमट गया नाम तुम्हारा

कभी कागज़ के टुकड़े पे सिमट गया नाम तुम्हारा

कभी कागज़ के टुकड़े पे सिमट गया नाम तुम्हारा,....!!

कभी लिखने के लिए तमाम आसमाँ भी छोटा पड़ गया....!!


Kabhee kaagaz ke tukade pe simat gaya naam tumhaara,....!!

Kabhee likhane ke lie tamaam aasamaan bhee chhota pad gaya....!!