कभी क़रीब तो कभी दूर हो के रोते हैं

कभी क़रीब तो कभी दूर हो के रोते हैं

कभी क़रीब तो कभी दूर हो के रोते हैं,
मोहब्बतों के भी मौसम अजीब होते हैं।


Kabhi Qareeb To Kabhi Door Ho Ke Rote Hain,
Mohabbaton Ke Mausam Bhi Ajeeb Hote Hain.