उसकी दहलीज़ से मैँ उस रोज़ लौट आया था

उसकी दहलीज़ से मैँ उस रोज़ लौट आया था

उसकी दहलीज़ से मैँ उस रोज़ लौट आया था
उसके लहज़ोँ मेँ जब पराया होने का निशां पाया था


Usakee dahaleez se main us roz laut aaya tha
Usake lahazon men jab paraaya hone ka nishaan paaya tha