इश्क़ को भी इश्क़ हो तो

इश्क़ को भी इश्क़ हो तो

इश्क़ को भी इश्क़ हो तो
फिर देखूं मैं इश्क़ को भी,
कैसे तड़पे, कैसे रोये,
इश्क़ अपने इश्क़ में।


Ishq Ko Bhi Ishq Ho Toh
Fir Main Dekhu Ishq Ko Bhi,
Kaise Tarpe Kaise Roye,
Ishq Apne Ishq Mein.