इन्कार जैसी लज्जत इक़रार में कहाँ Admin / Aug 06, 2021 इन्कार जैसी लज्जत इक़रार में कहाँ इन्कार जैसी लज्जत इक़रार में कहाँ, बढ़ता रहा इश्क ग़ालिब उसकी नहीं-नहीं से। Inkaar Jaisi Lazzat Ikraar Mein Kahan, Barhta Raha Ishq Ghalib Uski Nahi-Nahi Se. Shayari Love Shayari