आरजू ये है कि इज़हार-ए-मोहब्बत कर दें

आरजू ये है कि इज़हार-ए-मोहब्बत कर दें

आरजू ये है कि इज़हार-ए-मोहब्बत कर दें,
अल्फाज़ चुनते है तो लम्हात बदल जाते हैं।


Aarzoo Yeh Hai Ke Izhaar-e-Mohabbat Kar Dein,
Alfaaz Chunte Hain Toh Lahmhaat Badal Jaate Hain.