अब मानना नहीं है कोई दिल का मशविरा

अब मानना नहीं है कोई दिल का मशविरा

अब मानना नहीं है, कोई दिल का मशविरा...
बात जब दिल की सुनी है, तो चोट खाई है...!!


Ab maanana nahin hai, koee dil ka mashavira...
Baat jab dil kee sunee hai, to chot khaee hai...!!