अधूरी हसरतों का आज भी इलज़ाम है तुम पर

अधूरी हसरतों का आज भी इलज़ाम है तुम पर

अधूरी हसरतों का आज भी इलज़ाम है तुम पर,
अगर तुम चाहते तो ये मोहब्बत ख़त्म ना होती।


Adhoori Hasraton Ka Aaj Bhi ilzaam Hai Tum Par,
Agar Tum Chahte Toh Yeh Mohabbat Khatm Na Hoti.