अंजाम-ए-वफ़ा ये है जिसने भी मोहब्बत की

अंजाम-ए-वफ़ा ये है जिसने भी मोहब्बत की

अंजाम-ए-वफ़ा ये है जिसने भी मोहब्बत की,
मरने की दुआ माँगी जीने की सज़ा पाई।


Anjaam-e-Wafa Ye Hai Jisne Bhi Mohabbat Ki,
Marne Ki Duaa Maangi Jeene Ki Sazaa Payi.